मुझे तो अपनों ने लूटा गैरों में कहाँ दम था !
मेरी हड्डी थी टूटी वहीँ जहाँ अस्पताल बंद था !
मुझे जिस अम्बुलेंस में लिटाया उसमे पेट्रोल ही कहाँ था !
मुझे तो रिक्क्सा में अस्पताल ले गए क्योंकि किराया कम था !
मुझे तो डॉक्टर ने उठाया नर्सों में कहाँ दम था !
मुझे जिस बेद पर लिटाया उस के निचे बम था !
अजी मुझे तो बम, ने उड़ाया गोलियों में कहाँ दम था !
मुझे तो सड़क पर दफनाया क्योंकि कब्रिस्तान में फंक्सन था
Monday, June 8, 2009
मुझे तो अपनों ने लूटा गैरों में कहाँ दम था !
Posted by Anand Vaishnav at 2:58 AM
Labels: Hindi Orkut Scraps
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